बचपन यूँ बीत गया......!!
यादों कि गठरी जब खोली तो पाया.. "मेरा बचपन यूँ बीत गया.."
एक पल में सब कैसे बदल गया..
वो कार वो साइकल वो वो टुटा हुआ बला..
कमरे के एक कौने में मुझ से चुप कर बैठी गेंद..
वो A B C D वो अ आ इ ई
वो बचपन के खेल खिलौने और साथी सब पीछे कंहा छुट गया...
बचपन यूँ बीत गया.......!!
वो कहानी रात कि..
वो बात चाँद कि..
वो छुटियों का गिनना..
जिद्द करना..
वो आइसक्रीम
वो मीठी-खट्टी गोली..
वो अमुरुद कि डाल
स्कूल से आते हुए..
लोगों के घरों कि घंटी..
बजाना वो शोर मचाना..
कब खामोशियों में तबदील हो गया..
बचपन यूँ बीत गया.........!!
पापा का कंधा..
माँ कि गोद..
भाई का लडना..
वो दीदी से नोक झोक..
वो अपनी ही टोली..
एक अलग ही होली..
दशहरा दिवाली..
मेले कि रौनक..
आज कि
चका चौंध में कुछ धुंधला हो गया..
बचपन यूँ बीत गया.........!!
यादों कि गठरी जब खोली तो पाया.. "मेरा बचपन यूँ बीत गया.."
एक पल में सब कैसे बदल गया..
वो कार वो साइकल वो वो टुटा हुआ बला..
कमरे के एक कौने में मुझ से चुप कर बैठी गेंद..
वो A B C D वो अ आ इ ई
वो बचपन के खेल खिलौने और साथी सब पीछे कंहा छुट गया...
बचपन यूँ बीत गया.......!!
वो कहानी रात कि..
वो बात चाँद कि..
वो छुटियों का गिनना..
जिद्द करना..
वो आइसक्रीम
वो मीठी-खट्टी गोली..
वो अमुरुद कि डाल
स्कूल से आते हुए..
लोगों के घरों कि घंटी..
बजाना वो शोर मचाना..
कब खामोशियों में तबदील हो गया..
बचपन यूँ बीत गया.........!!
पापा का कंधा..
माँ कि गोद..
भाई का लडना..
वो दीदी से नोक झोक..
वो अपनी ही टोली..
एक अलग ही होली..
दशहरा दिवाली..
मेले कि रौनक..
आज कि
चका चौंध में कुछ धुंधला हो गया..
बचपन यूँ बीत गया.........!!
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